सेवानिवृत्ति में आयुर्वेदिक और एलोपैथिक डाॅक्टरों में भेदभाव नहीं-सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में कहा है कि इलाज प्रणाली के आधार पर एलोपैथी और आयुर्वेदिक डाॅक्टरों की सेवानिवृत्ति में भेदभाव नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि इलाज का तरीका इसका आधार नहीं हो सकता। ऐसा करना भेदभाव और संविधान में मिले बराबरी के अधिकार का उल्लंघन है। आयुर्वेदिक डाॅक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़कर 65 वर्ष 31 मई, 2016 से लागू मानी जाएगी
कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम के आयुर्वेदिक डाॅक्टरों के मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि उनकी सेवानिवृत्ति आयु भी 60 से बढ़कर 65 वर्ष 31 मई, 2016 से ही लागू मानी जाएगी, जिस तारीख पर यह सेंट्रल हेल्थ स्कीम के जनरल ड्यूटी मेडिकल आफिसर (एलोपैथी डाॅक्टर) के लिए लागू हुई।
कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम के आयुर्वेदिक डाॅक्टरों के मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि उनकी सेवानिवृत्ति आयु भी 60 से बढ़कर 65 वर्ष 31 मई, 2016 से ही लागू मानी जाएगी, जिस तारीख पर यह सेंट्रल हेल्थ स्कीम के जनरल ड्यूटी मेडिकल आफिसर (एलोपैथी डाॅक्टर) के लिए लागू हुई।